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_मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर तोलाखेड़ी कि रिपोर्ट *शासकीय चरागाह भूमि पर अतिक्रमण का मामला, बेदखली आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई*_ _*शिकायतकर्ता के आवेदन पर पटवारी जांच में अवैध कब्जा सिद्ध, नायब तहसीलदार ने दिया था बेदखली आदेश*_ _*नायब तहसीलदार बोले एक पेशी और लगाई है उसके बाद अतिक्रमण हटाया जायेगा*_ _*मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के उपतहसील संजीत अंतर्गत ग्राम मगराना में शासकीय चरागाह भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता द्वारा आवेदन देने के बाद जांच में अवैध कब्जा पाया गया और नायब तहसीलदार द्वारा बेदखली का आदेश भी जारी किया गया, लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया।*_ _*जानकारी के अनुसार ग्राम मगराना निवासी शिकायतकर्ता बापूलाल पिता देवीलाल धनगर ने वर्ष 2024 में उपतहसील संजीत में आवेदन देकर बताया था कि मगराना से मिंडारा मार्ग पर स्थित सर्वे नंबर 993 रकबा 0.48 हेक्टेयर भूमि, जो राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय चरागाह भूमि दर्ज है, पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है।*_ _*आवेदन के बाद तत्कालीन हल्का पटवारी मनोज चंद्रावत को मौके पर भेजकर पंचनामा तैयार कराया गया। जांच में पाया गया कि उक्त शासकीय भूमि पर सीमेंट के पोल लगाकर, पाइप डालकर तथा सोयाबीन बोकर अतिक्रमण किया गया है। पटवारी द्वारा रिपोर्ट नायब तहसीलदार को प्रस्तुत की गई।*_ _*इसके बाद 27 अक्टूबर 2024 को नायब तहसीलदार संजीत द्वारा अतिक्रमणकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस में बताया गया कि मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसके लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक का अर्थदंड तथा बेदखली की कार्रवाई की जा सकती है।*_ _*प्रकरण की सुनवाई के बाद 10 अक्टूबर 2024 को नायब तहसीलदार द्वारा बापूलाल पिता देवीलाल गायरी, बगदीराम पिता कालूराम डांगी एवं प्रहलाद पिता मांगीलाल डांगी निवासी पिपल्याजोधा को शासकीय भूमि से बेदखल करने का आदेश जारी किया गया। साथ ही प्रत्येक पर 500-500 रुपये का अर्थदंड भी आरोपित किया गया।*_ _*बेदखली आदेश के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण*_ _*शिकायतकर्ता का आरोप है कि बेदखली आदेश जारी होने के बावजूद कई माह बीत जाने के बाद भी शासकीय भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाया गया और न ही संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई।*_ _*शिकायतकर्ता को ही दिया गया नोटिस*_ _*बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता द्वारा बेदखली आदेश के पालन को लेकर नायब तहसीलदार के नाम आवेदन देने के बाद 23 फरवरी 2026 को उसे ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस में 5 मार्च 2026 को कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।*_ _*शिकायतकर्ता बापूलाल गायरी का आरोप है कि जब वह कार्यालय में पेश हुआ तो उसे डराने-धमकाने का प्रयास किया गया, जिससे गांव में विवाद की स्थिति बन रही है।*_ _*प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग*_ _*शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने और प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मामला बड़ा विवाद का रूप ले सकता है।*_ _*इनका कहना है:- एक पेशी तारीख को लगा रखी है उसके बाद मै खुद आकर अतिक्रमण हटाऊँगा राहुल डाबर नायब तहसीलदार टप्पा संजीत*_

_मंदसौर खबर

 

रामप्रसाद धनगर तोलाखेड़ी की रिपोर्ट

 

*शासकीय चारागाह जमीन पर कब्जे का मामला, बेदखली ऑर्डर के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई*_

 

 

 

_*शिकायतकर्ता के आवेदन पर पटवारी जांच में अवैध कब्ज़ा सिद्धार्थ, नाइके ने दिया था बेदख़ली आदेश*_

 

_*नायब सईद एक पेशी और साथी है जिसे बाद में हटा दिया जाएगा*_

 

_*मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ तहसील के उपतहसील संजीत अंतर्गत ग्राम मगराणा में सचिवालय चारागाह भूमि पर विवाद का मामला सामने आया है। अवैध रूप से पकड़े गए और अवैध कलाकार बेदखली का आदेश भी जारी किया गया था, लेकिन कई माह बाद जाने के बाद भी इसे हटाया नहीं गया।*_

 

_*जानकारी के वर्ष ग्राम मगराणा निवासी मऊलाल पिता देवीलाल धनगर ने 2024 में उपतहसील संगीत आवेदन पत्र में बताया था कि मगराना से मिंडारा मार्ग पर स्थित सर्वे क्रमांक 993 रकबा 0.48 हेक्टेयर भूमि, जो राजस्व अभिलेख में मकराना चारागाह भूमि दर्ज है, पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।*_

 

_*आवेदन के बाद समीक्षाधीन पटवारी मनोज चंद्रावत को सामूहिक पंचनामा तैयार किया गया। जांच में पाया गया कि उक्त जलाशय भूमि पर डलावों के तालाब, पाइपलाइन और सोयाबीन बोकर की खोज की गई है। पटवारी द्वारा प्रस्तुत की गई प्रस्तुति की रिपोर्ट।*_

 

_*इसके बाद 27 अक्टूबर 2024 को कंपनी द्वारा निर्मित म्यूजिक म्यूजिक को कारण नोटिस जारी किया गया। नोटिस में बताया गया है कि मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत अवैध रूप से कब्जा की गई जलाशय भूमि पर एक लाख रुपये तक का अर्थदंड और बेदखली की कार्रवाई संभव है।*_

 

_*प्रकरण की समीक्षा के बाद 10 अक्टूबर 2024 को प्यारेलाल पिता देवीलाल गायरी, बगदीराम पिता कालूराम डांगी और प्रहलाद पिता विलायतीलाल डांगी निवासी पिपल्याजोधा को खजाना भूमि से बेदखल करने का आदेश जारी किया गया। साथ ही हर एक पर 500-500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया।*_

 

_*बेदखली ऑर्डर के बाद भी नहीं हटाया गया रिज़र्व*_

 

_*शिकायतकर्ता का आरोप है कि बेदखली ऑर्डर जारी होने के बावजूद कई महीने बाद भी मस्जिद की जमीन से कोई कब्जा नहीं हटाया गया और न ही संबंधित आतंकवादियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई।*_

 

_*शिकायतकर्ता को दिया गया नोटिस*_

 

_*बताया जा रहा है कि 23 फरवरी 2026 के बाद बेदखली ऑर्डर के पालने को लेकर मुख्य कलाकार के नाम से आवेदन करने के लिए उसे ही कारण सूचना जारी कर दी गई। नोटिस में 5 मार्च 2026 को कार्यालय में अपॉइंटमेंट के लिए उत्तर प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।*_

 

_*शिकायतकर्ता छोटूलाल गायरी का आरोप है कि जब वह कार्यालय में पेश हुए तो उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया, जिससे गांव में विवाद की स्थिति बन गई।*_

 

_*प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग*_

 

_*शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मामले में दखलंदाजी भूमि को हटाने और प्रकरण की जांच की मांग की है। रीव्यू का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो मामला बड़ा विवाद का रूप ले सकता है।*_

 

_*इनका का कहना है:- एक पेशी तारीख को रखा गया है उसके बाद मैं खुद ग्यान हटाऊंगा राहुल डाबर बयाया टप्पा संगीत*_

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